मंगळवार, १९ सप्टेंबर, २०१७

सिविल लाइंस पर रहने वाले श्री नारायणदासजी खटोड़ का मरणोपरांत नेत्रदान

सिविल लाइंस पर रहने वाले श्री नारायणदासजी खटोड़ का मरणोपरांत नेत्रदान

विनोद तायडे वाशिम

               तारीख 19 सितंबर 2017 को मारवाड़ी युवा मंच शाखा वाशिम द्वारा नेत्रदान का कार्य संपन्न करवाया गया | जीते जी रक्तदान, मरने के बाद नेत्रदान... ये सूत्र वाक्य चरितार्थ कर गए श्री नारायणदासजी खटोड़। जिनके नेत्रों से दो नेत्रहीन पहली बार दुनिया देखेंगे । वाशिम शहर के डॉक्टर घनश्यामजी खटोड़ के पिताजी ९० साल के श्री नारायणदासजी खटोड़ ने मंगलवार सुबह ८:३० बजे अंतिम सांस ली। उनकी तमन्ना थी कि मरणोपरांत उनके नेत्र दान कर दिए जाएं। उनकी इस इच्छा को पोता श्री राजेश खटोड़ एवं परिजनों ने पूरा किया। मृत्यु पश्चात मारवाड़ी युवा मंच शाखा वाशिम से संपर्क कर मारवाड़ी युवा मंच शाखा वाशिम के अध्यक्ष श्री मनिष मंत्री ने स्थानीय जिल्हा सामान्य रुग्णालय के नेत्र रोग विभाग को सूचना दी ।  विभागाध्यक्ष डॉक्टर सुरेश चांदोरकर एवं नेत्रदान सम  उपदेशक रमेश ठाकरे शासकीय जिल्हा रुग्णालय की टीम सिविल लाइन स्थित उनके आवास पर पहुंची। सुबह करीब 11:00 बजे इस टीम ने कार्निया संग्रहित किए | अब इन कॉर्निया को जालना के गणपति नेत्रालय अस्पताल पर भेजा जाएगा वहां पर जरूरतमंदों से संपर्क कर उन्हें बुलाकर जांच परीक्षण के बाद नेत्रहीन को लगवाने का कार्य किया जाएगा |

नेत्रदान में डॉक्टर कैलाशजी चरखा एवं मारवाड़ी युवा मंच शाखा वाशिम ने अहम भूमिका निभाई है। सुबह जैसे ही मारवाड़ी युवा मंच के मुख्य मनीष मंत्री को यह सूचना मिली वह उनके घर पहुंचे और श्री राजेश खटोड़ जो कि मारवाड़ी युवा मंच के सदस्य है उनसे नेत्रदान के संकल्प को पूरा करने के लिए प्रेरित कर परिजन की सूझबूझ से नेत्रदान का संकल्प निभाया।

आंखों में जिंदा पिताजी की अनुभूति नारायणदासजी खटोड़ ने अपने पीछे हरा-भरा परिवार छोड़ा हैं। बेटे ने डॉक्टरी कंप्लीट कर प्रैक्टिस को importance न देते हुए खेती की ओर अपने कदम बढ़ाए | पोते ने अपने निजी एकेडमी से कई होनहार बच्चों को पढ़ाई मैं आगे उच्च स्थान दिलवाया |
खटोड़ परिवार के इस कार्य को सभी ने सराहा यदि इस प्रकार सभी ने नेत्रदान का संकल्प कर इसे संपूर्ण करने का ठान लिया तो जल्दी नेत्रहीन की सूची में हमारे भारत का नाम मिट जाएगा

विनोद तायडे वाशिम
8888277765

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